पाकिस्तान के वरिष्ठ नेता और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने देश की आंतरिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने मौजूदा सरकार की पकड़ कमजोर होने का दावा करते हुए देश की तुलना एक ‘जलते हुए घर’ से की है।
सरकार की विफलता पर कटाक्ष
मौलाना रहमान के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने सरकार को नसीहत दी है कि सत्ता के बंटवारे या राजनीति में उलझने के बजाय, उन्हें सबसे पहले देश में लगी इस ‘आग’ को बुझाने पर ध्यान देना चाहिए।
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में संकट
मौलाना ने स्पष्ट किया कि खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक सरकारी नियंत्रण खत्म हो चुका है। उनके इस बयान ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।