पाकिस्तान ने हाल ही में संघर्षग्रस्त सोमालिया के साथ एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया है, जो वैश्विक भू-राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। इस कदम को केवल सैन्य सहयोग नहीं, बल्कि लाल सागर और हिंद महासागर के रणनीतिक मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
रणनीतिक साझेदारी के पीछे सऊदी अरब
विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील के केंद्र में सऊदी अरब की भूमिका है। पाकिस्तान का सोमालिया के साथ रक्षा समझौता और तुर्की के साथ ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ हॉर्न ऑफ अफ्रीका में एक नए सैन्य समीकरण को जन्म दे रहे हैं।
JF-17 जेट्स और सैन्य विस्तार
पाकिस्तान इस समझौते के माध्यम से अपने JF-17 फाइटर जेट्स को सोमालिया में तैनात करने और सैन्य उपकरणों की बिक्री का लक्ष्य बना रहा है। यह कदम क्षेत्र में पाकिस्तान की सैन्य उपस्थिति को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ सऊदी अरब के रणनीतिक हितों को साधने का एक जरिया भी माना जा रहा है।